मध्य प्रदेश में बिजली कंपनियों में काम करने वाले संविदा कर्मचारियों को परीक्षा के माध्यम से नियमित पदों पर नियुक्ति दी जाएगी। ऊर्जा विभाग ने इसके लिए संविदा पदों पर नई नियुक्तियां बंद कर दी हैं और प्रक्रिया पर काम शुरू कर दिया है। संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों का चयन मेरिट के आधार पर किया जाएगा। इस बीच यूनाइटेड फोरम फॉर पावर एम्प्लाइज एंड इंजीनियर्स के ज्ञापन के बाद ऊर्जा विभाग ने बिजली कंपनियों के एचआर (मानव संसाधन) विभाग की समिति से यह परीक्षण रिपोर्ट मांगी है कि क्या संविदा कर्मचारियों को सीधे नियमित पदों पर संविलियन किया जा सकता है। इस पत्र के सामने आने के बाद बिजली कंपनियों में कार्यरत करीब पांच हजार संविदा कर्मचारी उत्साहित हैं। एसोसिएशन ने नियमित पदों पर सीधे संविलियन की मांग की है ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश में संविदा कर्मचारियों को 50 प्रतिशत पदों पर नियुक्ति देने का नियम प्रभावशील है। इसमें शासन द्वारा तय प्रक्रिया के अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी। एक अधिकारी के मुताबिक, एसोसिएशन ने नियमित पदों पर सीधे संविलियन की मांग की है, लेकिन यह संभव नहीं है। ऐसी स्थिति में संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों को परीक्षा में छूट देने के साथ-साथ अनुभव के आधार पर अतिरिक्त अंक देने की व्यवस्था का प्रस्ताव है, हालांकि अभी इस पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। परीक्षा इसलिए आयोजित की जाएगी ताकि मेरिट सूची तैयार की जा सके। यह भी ध्यान रखा जाएगा कि परीक्षा में अनुभव आधारित प्रश्न शामिल किए जाएं, ताकि संविदा कर्मचारियों को उत्तर देने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। इसके बाद जो मेरिट सूची तैयार होगी, उसी के आधार पर नियमित पदों पर सीधी भर्ती से चयनित अभ्यर्थियों और संविदा कर्मचारियों (जिन्हें परीक्षा में छूट मिलेगी) की संयुक्त मेरिट सूची बनाकर उन्हें नियमित किया जा सके। पत्र के बाद बिजली कंपनी के संविदा कर्मियों में हलचल ऊर्जा विभाग ने एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड के एमडी को पत्र लिखकर कहा है कि यूनाइटेड फोरम फॉर पावर एम्प्लाइज एंड इंजीनियर्स की ओर से ऊर्जा मंत्री को एक ज्ञापन सौंपा गया है। इसमें ऊर्जा विभाग के अंतर्गत विद्युत कंपनियों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को पुनरीक्षित संगठनात्मक प्रक्रिया के तहत सीधी भर्ती के रिक्त पदों पर संविलियन करने की मांग की गई है। इस संबंध में फोरम द्वारा आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत किए गए हैं। इसी के चलते विद्युत कंपनियों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों के संविलियन के प्रस्ताव का परीक्षण एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) की अध्यक्षता में गठित समिति के माध्यम से करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें सभी विद्युत कंपनियों के मानव संसाधन (एचआर) प्रमुखों की समिति के समक्ष प्रस्तुत प्रस्ताव पर चर्चा के आधार पर 15 दिन के भीतर परीक्षण रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि इस विषय में निर्णय लिया जा सके। यह पत्र अब सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। इसके आधार पर बिजली कंपनियों के संविदा कर्मचारी स्वयं को नियमित होने की स्थिति में मान रहे हैं, जबकि ऊर्जा विभाग के अधिकारी इस तरह की किसी भी स्थिति से पूरी तरह इनकार कर रहे हैं।
Chhapra Mushroom Ki Kheti : छपरा के दिघवारा शीतलपुर में किसान नागेंद्र कुमार साहनी ने 10 करोड़ की लागत से मशरूम का 10 फार्म हाउस बनाया है. जहां रोज 700 क्विंटल मशरूम का उत्पादन हो रहा है. आज उनके यहां 50 लोगों को रोजगार भी मिला है.
यहां 700 क्विंटल मशरूम का डेली है पैदावार
आज हम आपको सारण के सबसे बड़ा मशरूम उत्पादन केंद्र के बारे में बताने जा रहे हैं. जहां 50 से अधिक लोगों को रोजगार भी मिला है. प्रतिदिन 700 क्विंटल से अधिक मशरूम का उत्पादन होता है. सारण के मशरूम को बिहार के सभी जिलो में भेजा जाता है. इसके साथ ही बंगाल, उड़ीसा, पटना में इसकी ज्यादा मांग है. अब तो नेपाल देश में भी यहां से मशरूम सप्लाई किया जा रहा है. बता दें कि यह मशरूम उत्पादन केंद्र छपरा जिले के दिघवारा प्रखंड अंतर्गत शीतलपुर में किया जा रहा है.
किसान नागेंद्र कुमार साहनी ने लोकल 18 से बताया कि उनके पास जमीन खेती करने के लिए काफी कम है. उन्हें पहले से ही बिजनेस करने का मन था. इसके बाद प्रशिक्षण लेकर वह मशरूम उत्पादन कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि पूसा यूनिवर्सिटी से प्रशिक्षण लेने के बाद उन्होंने अपना सेटअप लगाया. जहां प्रतिदिन 700 क्विंटल मशरूम का उत्पादन होता है.
50 लोगों को दिया है रोजगार
किसान ने बताया कि हमारे यहां 35 महिला और 15 पुरुषों रोजगार दिया गया है. जो पहले बेरोजगार थे. अब उन्हें रोजगार मिला है. उनका मशरूम बिहार के हर कोने में जाता है. इसके अलावा उड़ीसा, बंगाल और नेपाल तक सप्लाई किया जा रहा है. किसान अगर इसका उत्पादन करना चाहते हैं तो जिला उद्यान विभाग से उन्हें मदद भी मिलता है.
10 करोड़ की लागत से बनाया है फार्म हाउस
उन्होंने बताया कि जहां से किसान लाभ लेकर मशरूम उत्पादन कर सकते हैं. मशरूम की खेती का बहुत नॉर्मल प्रोसेस है. इसे अप्लाई करने के बाद बहुत जल्द सहयोग मिलता है. साथ ही बताया कि 2016 में उन्होंने मशरूम उत्पादन करना 2 लाख की लागत से शुरू किया था. आज उनका जिले का सबसे बड़ा मशरूम उत्पादन फॉर्म है. आज उनके पास 10 करोड़ की लागत से मशरूम उत्पादन करने के लिए फॉर्म बनाया गया है.
किसान के पास है मशरूम का 10 फॉर्म हाउस
उनके पास छोटा बड़ा लेकर लगभग 10 फॉर्म हो गया है. दिघवारा का शीतलपुर जिले का सबसे बड़ा मशरूम उत्पादन करने का हब है. किसान अगर प्रशिक्षण लेना चाहते हैं तो दिघवारा के शीतलपुर में नंदिनी एग्रो मशरूम उत्पादन फार्म में आ सकते हैं. जहां उन्हें मशरूम उत्पादन करने संबंधित जानकारी मिल सकती है. किसान नागेंद्र कुमार साहनी ने बताया कि वह 2 करोड़ लोन लेकर इसका उत्पादन कर रहा हूं.
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बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में लगभग 4 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटेंट राइटर…और पढ़ें
Jharkhand Aaj Ka Mausam : झारखंड में ठंड की लगभग विदाई हो चुकी है. हालांकि रांची में न्यूनतम 8.4 डिग्री और चाईबासा में अधिकतम 30.4 डिग्री दर्ज किया गया है. अब दोपहर में लोगों को स्वेटर की आवश्यकता बिल्कुल नहीं है. कई जिलों में अभी से गर्मी का एहसास हो रहा है.
नॉर्थ-वेस्ट झारखंड में हल्की ठंड
नॉर्थ-वेस्ट झारखंड के कोडरमा, चतरा, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा और पलामू जिलों में अभी भी सुबह के समय ठंड का असर देखने को मिलेगा. इन जिलों में अधिकतम तापमान 25 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है. चतरा और पलामू में कुछ दिनों तक अधिकतम तापमान 30 डिग्री तक पहुंच सकता है. वहीं, न्यूनतम तापमान 10 से 14 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है.
शहरों का तापमान और AQI
| शहर | तापमान अधिकतम/न्यूनतम | AQI |
| रांची | 27/12 | 182 |
| जमशेदपुर | 30/16 | 186 |
| धनबाद | 27/12 | 220 |
| बोकारो | 28/12 | 185 |
| पलामू | 27/12 | 190 |
नोट- (ये आंकड़े बुधवार के हैं)
साउथ झारखंड में आ गई हल्की गर्मी
वहीं, साउथ झारखंड की बात करें तो पश्चिमी और पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला खरसावां और सिमडेगा जैसे जिले आते हैं. यहां पर अधिकतम तापमान दिन में 31 से 32 डिग्री तक देखा जा रहा है और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री तक. ऐसे में यहां पर पूरे राज्य के मुकाबले अधिक गर्मी देखने को मिल रही है. दोपहर में तो स्वेटर पहनने की भी जरूरत नहीं है. आज भी यहां कुछ ऐसा ही हाल रहने की संभावना है.
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महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने दिवंगत गुरु और शिवसेना के वरिष्ठ नेता आनंद दिघे को उनकी 75वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी। आनंद दिघे को लोग प्यार से धर्मवीर कहते थे। इस मौके पर शिंदे अपने गृह नगर दरे (सातारा जिला) से ठाणे पहुंचे और अपने राजनीतिक गुरु को पुष्पांजलि अर्पित की। एकनाथ शिंदे ने ‘शक्तिस्थल’ और ‘आनंद आश्रम’ जाकर दिघे की समाधि पर फूल चढ़ाए। उनके साथ कई स्थानीय नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद थे। शिंदे ने कहा कि आनंद दिघे ने न सिर्फ उन्हें राजनीति में आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया, बल्कि जनता की सेवा करना भी सिखाया। उनका जीवन आज भी सभी के लिए प्रेरणा है।
वहीं दूसरी ओर, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट ने भी दिघे की जयंती बड़े स्तर पर मनाई। ठाणे के टेम्भी नाका इलाके में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें ‘दिघे साहेब अमर रहें’ के नारे लगाए गए। पार्टी नेताओं ने दिघे के विचारों और उनके सेवा भाव को याद किया। आनंद दिघे की याद में एक अनोखी पहल भी की गई। ठाणे शहर में 75 ऑटो-रिक्शा सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक मुफ्त सेवा में लगाए गए। हर ऑटो उनके जीवन के एक-एक वर्ष का प्रतीक था। वर्ष 2001 में उनके निधन के बाद भी, आनंद दिघे आज तक ठाणे की राजनीति और समाज में एक मजबूत पहचान बनाए हुए हैं।
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गृह मंत्रालय ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि जनगणना 2027 के दूसरे चरण में जाति जनगणना भी की जाएगी। सरकार ने कहा कि देश भर में फरवरी 2027 जनगणना शुरू हो जाएगी।
गृह मंत्रालय ने कहा कि जनगणना 2027 के बारे में पूरी जानकारी 12 दिसंबर, 2025 को एक प्रेस नोट के माध्यम से जारी की गई थी। फिर भी, कुछ लोग जानबूझकर जनगणना-2027 और विशेष रूप से जाति जनगणना के बारे में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
मंत्रालय ने आगे बताया कि जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फ से ढके क्षेत्रों और गैर-समकालिक क्षेत्रों सितंबर, 2026 में ही इसे पूरा किया जाएगा।

अखिलेश यादव बोले- जाति जनगणना BJP का जुमला
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया था कि सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) का जाति जनगणना कराने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने PDA समुदाय – पिछड़े (पिछड़ी जातियां), दलित और अल्पसंख्यक (माइनॉरिटी) को धोखा देने का आरोप लगाया।
सोशल मीडिया X पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि जनगणना नोटिफिकेशन में जाति के लिए कोई कॉलम भी नहीं है। वे क्या गिनेंगे? जाति जनगणना भी BJP का जुमला है।
कांग्रेस बोली- मोदी सरकार की गंभीरत पर सावल
सोमवार को, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि सरकार की तरफ से जारी किए हाउसलिस्टिंग शेड्यूल में शामिल किए जाने वाले विषयों की सूची में सवाल नंबर 12 में पूछा गया है।
उन्होंने कहा कि इसमें पूछा गया है कि क्या घर का मुखिया अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य श्रेणियों से संबंधित है। रमेश ने कहा कि इसकी जगह OBC और सामान्य श्रेणियों के बारे में साफ तौर पर पूछा जाए।
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि चूंकि जाति जनगणना जनगणना 2027 का हिस्सा होनी है, इसलिए जिस तरह से सवाल 12 बनाया गया है। यह मोदी सरकार के असली इरादों और एक व्यापक, निष्पक्ष, राष्ट्रव्यापी जाति जनगणना के प्रति उसकी प्रतिबद्धता पर गंभीर सवाल उठाता है।
22 जनवरी: सरकार ने सवालों की लिस्ट जारी की थी
इससे पहले सरकार ने 22 जनवरी को जनगणना में पूछे जाने वाले सवालों की लिस्ट जारी की थी। सरकार ने बताया था कि इसमें मकान, परिवार, वाहन से जुड़े सवाल हैं। जनगणना के दौरान परिवार के मुखिया को ये जानकारियां देनी होंगी।

जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी
सरकार ने बताया कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी। करीब 30 लाख कर्मचारी मोबाइल एप के जरिए जानकारी जुटाएंगे। मोबाइल एप, पोर्टल और रियल टाइम डेटा ट्रांसफर से जनगणना बहुत हद तक पेपरलेस होगी।
ये ऐप Android और iOS दोनों पर काम करेंगे। जाति से जुड़ा डेटा भी डिजिटल तरीके से इकट्ठा किया जाएगा। आजादी के बाद पहली बार जनगणना में जाति की गिनती शामिल होगी। इससे पहले अंग्रेजों के समय 1931 तक जाति आधारित जनगणना हुई थी।
यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ने अप्रैल में लिया था। 2011 की पिछली जनगणना के अनुसार, भारत की आबादी करीब 121 करोड़ थी, जिसमें लगभग 51.5% पुरुष और 48.5% महिलाएं थीं।

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देश में आजादी के बाद पहली बार जातिगत जनगणना होगी, राहुल बोले- फैसले का समर्थन, डेडलाइन तय हो

देश में आजादी के बाद पहली बार जाति जनगणना कराई जाएगी। केंद्रीय कैबिनेट ने 30 अप्रैल 2025 को जाति जनगणना को मंजूरी दी थी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इसे मूल जनगणना के साथ ही कराया जाएगा। जाति जनगणना के ऐलान के बाद राहुल गांधी ने कहा था- आखिरकार सरकार ने जाति जनगणना की बात कह दी है। हम इसे सपोर्ट करते हैं, लेकिन सरकार को इसकी समय सीमा बतानी होगी। पूरी खबर पढ़ें…
पंजाब के लुधियाना में 4 दिन पहले MBA स्टूडेंट की हत्या के मामले में चली रही जांच में नया खुलासा हुआ है। जिस दोस्त ने राजबीर सिंह को गोली मारी है वो उसके साथ पार्टनरशिप में कारोबार शुरू करने की प्लानिंग कर रहा था। दोनों ने जल्दी ही स्पेयर पार्ट्स का काम शुरू करना था। पुलिस जांच में पता चला है कि हत्या वाले दिन दोनों एक ही कार में गए और उनकी पैसे के लेन-देन को लेकर आपस में पहले बहस हुई। बहस बढ़ते बढ़ते दोनों में झड़प हो गई और इसी दौरान आरोपी जुगाद सिंह ने राजवीर सिंह खैहरा को गोली मार दी। राजवीर सिंह व जुगाद सिंह दोनों पंजाब यूनिवर्सिटी के रीजनल सेंटर, एक्सटेंशन लाइब्रेरी, लुधियाना से MBA की पढ़ाई कर रहे थे। MBA में एडमिशन करने के बाद ही दोनों एक दूसरे को मिले और फिर दोनों ने मिलकर कारोबार करने की प्लानिंग बनाई। दो महीने पहले से घर आना-जाना शुरू हुआ राजवीर सिंह और जुगाद सिंह दोनों काफी समय से दोस्त हैं लेकिन दो महीने से उनका एक दूसरे के घर आना जाना शुरू हुआ। राजवीर सिंह ने जुगाद सिंह को दो महीने पहले घर बुलाकर अपने माता पिता से मिलवाया था और उन्हें कहा था कि यह उसके साथ पढ़ता है। जुगाद सिंह के पास था असला मृतक के पिता जसवीर सिंह (उम्र 58), निवासी जगजीत नगर, थरीके रोड लुधियाना ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि करीब दो महीने पहले जुगाद सिंह सेखों उनके घर आया था और उस समय उनके पास हथियार भी था। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि जुगाद सिंह के असला की भी जांच कर रही है। जुगाद सिंह हत्या के दिन कार में बैठाकर ले गया राजवीर के पिता ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि हत्या वाले दिन जुगाद सिंह अपनी कार पर उनके घर के बाहर आया और उसने राजवीर को बुलाया। उस समय दिन में लगभग 12 बज रहे थे। दोनों कहां गए उन्हें नहीं पता। शाम को 4:50 बजे राजवीर के मोबाइल फोन से परिवार को कॉल आई, जिसमें उन्हें DMC अस्पताल लुधियाना पहुंचने को कहा गया। जब परिवार अस्पताल पहुंचा तो डॉक्टरों ने बताया कि राजवीर सिंह की गोली लगने से मौत हो चुकी है। पिता के बयान पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया है। बहस हुई और उसके बाद आरोपी ने चला दी गोली पीएयू थाना के इंस्पेक्टर विजय कुमार ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पर्चा दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया है। मामले की विशेष रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों व क्षेत्रीय मजिस्ट्रेट को भेज दी गई है। मामले की जांच अभी चल रही हे। अब तक की जांच में पता चला है कि दोनों कारोबार शुरू कर रहे थे और कुछ पैसे के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ। विवाद ज्यादा बढ़ा तो आरोपी ने उसे गोली मार दी जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। अब सिलसिलेवार ढंग से जानिए कैसे हुआ था मर्डर… परिवार कारोबारी, इकलौता बेटा था: राजवीर का परिवार कारोबारी है। उनकी मोगा में पहले इंडिया मोटर्स ऑटो एजेंसी थी। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और एमबीए की पढ़ाई कर रहा था। राजवीर को उसका दोस्त घर से बुलाकर ले गया था। राजवीर ने घर से जाते वक्त भी बताया था कि वह एक दोस्त के साथ जा रहा है। गांव तलवाड़ा में मारी गई गोली: पीएयू पुलिस स्टेशन के एसएचओ विजय कुमार ने बताया कि गांव तलवाड़ा के रहने वाले लोगों ने पुलिस को सूचना दी थी कि एक युवक खून से लथपथ सड़क पर पड़ा है। उसे किसी ने गोली मारी है। हमलावर भाग चुके है। पुलिस लेकर आई डीएमसी: सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को उठाकर डीएमसी अस्पताल में भर्ती कराया। इसमें करीब 20 से 25 मिनट लग गए। डीएमसी पहुंचने से पहले उसकी मौत हो गई थी। पेट में लगी थी गोली: एसएचओ विजय कुमार ने बताया कि युवक राजबीर को पेट में गोली लगी थी, जो नाभि से 4 इंच नीचे लगी थी। युवक की पहचान होने के बाद उसके परिवार को सूचना दी गई। परिवार वालों ने दोस्त पर ही हत्या का शक जताया था। आरोपी को गिरफ्तार करके उससे पूछताछ में उक्त खुलासे हुए हैं।
हरियाणा कालेज कैडर असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए HPSC ने फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के पॉलिटिकल साइंस विषय के 173 कैंडिडेट ने इंटरव्यू दिया था, जिसमें से 71 का फाइनल चयन हुआ है। हरियाणा लोक सेवा आयोग ने मई 2024 में कालेज कैडर के असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में पॉलिटिकल साइंस विषय के 81 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की। भर्ती के लिए 19 मई को नोटिफिकेशन जारी हुआ था। भर्ती प्रक्रिया में 40 पद जनरल, 8 पद ओएससी, 7 पद डीएससी, 14 बीसीए, 5 बीसीबी व 7 पद ईडब्ल्यूएस के लिए रिजर्व किए गए थे। जिसके लिए 20 जुलाई को सब्जेक्ट नॉलेज टेस्ट हुआ था। 10 पोस्ट रखी गई हैं खाली भर्ती परीक्षा के सब्जेक्ट नॉलेज टेस्ट में आयोग ने 173 कैंडिडेट को योग्य माना है। वहीं इनमें से 9 कैंडिडेट ऐसे हैं, जो रिजर्व से जनरल कैटेगरी में शामिल हुए हैं। वहीं दस पोस्ट को खाली रखा गया है। जिसमें 3 पोस्ट कोर्ट केस के लिए तथा 7 पोस्ट को विभागीय इश्यू के कारण खाली रखी गई हैं। भर्ती प्रक्रिया में 7 कैंडिडेट ऐसे हैं, जिन्हें हाईकोर्ट के आदेश पर प्रोविजनल तौर पर शामिल गया है। उनका वे इंटरव्यू में भी योग्य पाए जाते हैं तो उनका फाइनल फैसला कोर्ट केस के बाद होगा।
‘आरोपी को फांसी मिलनी चाहिए। उसने मेरी बच्ची का पूरा चेहरा बिगाड़ दिया। अब उससे कौन शादी करेगा? वो जीते-जी मर गई है… 20 साल की उम्र में उसकी पूरी जिंदगी खत्म हो गई। शुरुआती दिनों में बेटी के साथ पढ़ने आता था। पढ़ाई के दौरान ही आरोपी प्रियांशु ने मेरी बेटी से फोन नंबर लिया और बातचीत करने लगा। बेटी को लगा वो लड़का ठीक नहीं है तो बातचीत करना बंद कर दी। फिर वो मेरी बेटी को धमकी दी थी कि अगर बात नहीं करेगी तो अंजाम भुगतना पड़ेगा। उसने शादी का दबाव बनाते हुए कहा था कि तुम मुझसे शादी कर लो तो सब कुछ ठीक हो जाएगा। लेकिन मेरी बेटी ने इनकार कर दिया तो एसिड फेंक कर उसकी जिंदगी बर्बाद कर दी’ इतना कहते ही एसिड अटैक पीड़िता की मां फूट-फूट कर रो पड़ीं। कांपती आवाज में उनकी बस एक ही गुहार है, ‘किसी तरह मेरी बेटी को बचा लीजिए।’ पढ़िए पूरी रिपोर्ट पहले घटना की कुछ तस्वीरें देखिए… दरअसल, मोतिहारी में रविवार रात घर में सो रही ग्रेजुएशन की छात्रा पर उसके ही मामा के बेटे ने एसिड अटैक किया। इस हमले में छात्रा का चेहरा गंभीर रूप से झुलस गया। उसकी आंखें नहीं खुल पा रही हैं और न ही वह बोलने की हालत में है। घायल छात्रा का इलाज मोतिहारी के एक निजी नर्सिंग होम में चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक, उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। घटना पताही थाना क्षेत्र की है। पीड़िता के बयान पर पुलिस ने FIR दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी की पहचान पकड़ीदयाल थाना क्षेत्र के प्रियांशु कुमार (22) के रूप में हुई है। ‘मेरे चेहरे पर किसी ने एसिड फेंका’ भास्कर से बातचीत में पीड़िता ने बताया, ‘सोमवार की रात मैं खाना खाने के बाद मां के साथ कमरे में सो रही थी। रात करीब 11 बजे अचानक कमरे का दरवाजा खुला। मैं आधी नींद में थी और अंधेरा होने की वजह से मुझे लगा कि पापा या भाई आए होंगे। इसी दौरान अचानक किसी ने मेरे चेहरे पर लिक्विड फेंक दिया।’ पीड़िता ने बताया, ‘तेज जलन होते ही मैं जोर से चिल्लाने लगी। चीख सुनकर मां की नींद खुल गई। वहीं, दूसरे कमरे से पापा और भाई दौड़ते हुए आए, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुका था। शोर सुनकर पड़ोसी भी मौके पर पहुंच गए। तभी पता चला कि मेरे चेहरे पर एसिड फेंका गया है। इसके बाद मुझे तुरंत अस्पताल लाया गया।’ इतना कहते-कहते छात्रा की तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद हमारी टीम ने तुरंत डॉक्टर को बुलाया और कमरे से बाहर आ गई। फिलहाल पीड़िता की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज चल रहा है। 2025 में पहली बार प्रियांशु से मिली थी पीड़िता पीड़िता से बातचीत के बाद हमारी मुलाकात उसकी मां से हुई। बेटी के कमरे के बाहर एक कोने में बैठकर रोती मां ने कहा, ‘मेरी बच्ची के साथ जिसने भी यह किया है, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।’ मां ने बताया, ‘मेरी बेटी BA की पढ़ाई कर रही है। वो पढ़ाई में काफी अच्छी है। इसकी वजह से गांव के बच्चे अक्सर पढ़ाई से जुड़े सवाल पूछने उसके पास आते रहते थे। 2025 में मेरे देवर के मामा का बेटा प्रियांशु गांव आया था। इस दौरान उसने बेटी से पढ़ाई को लेकर बातचीत शुरू की। भाई-बहन जैसा रिश्ता होने के कारण परिवार को लगा कि दोनों साथ बैठकर पढ़ाई करता है। जुलाई 2025 से वो लगातार मेरे घर आने लगा और बेटी के साथ पढ़ाई करने लगा। इसी दौरान उसने बेटी का मोबाइल नंबर भी लिया। कई बार वह फोन कर पढ़ाई के बहाने बातचीत करता था।’ 2025 में बेटी को दी थी धमकी मां ने आगे बताया, ‘3 महीने बाद अक्टूबर 2025 से प्रियांशु हमारे घर कम आने लगा। मैंने बेटी से पूछा आजकल प्रियांशु घर नहीं आ रहा है। इसपर बेटी ने कहा- ‘मां वो गलत लड़का है। वो मुझे शादी के लिए फोर्स कर रहा था। इसकी वजह से मैंने उससे बात करना बंद कर दिया है। एक महीने शांत रहने के बाद नवंबर 2025 से प्रियांशु ने फिर से बेटी को फोन करना शुरू कर दिया। इससे परेशान होकर दिसंबर में प्रियांशु का फोन नंबर ब्लॉक कर दिया। 10 दिसंबर को एक बार फिर प्रियांशु मेरे घर पर आया, उस वक्त मैं घर से बाहर गई हुई थी। मां के मुताबिक, ‘यह सुनते ही बेटी ने प्रियांशु को घर से बाहर निकाल दिया। करीब एक महीने बाद आरोपी ने गुस्से में आकर इस वारदात को अंजाम दिया। हमलोग गरीब परिवार से आते हैं। हम कहां से बेटी का इलाज करवा पाएंगे। मुझे प्रशासन के मदद की जरूरत है। ऐसिड अटैक के बाद मेरी बेटी से कौन शादी करेगा? उसकी पूरी जिंदगी बरबाद हो गई है।’ स्पीडी ट्रायल के तहत आरोपी को जल्द दिलाई जाएगी सजा SP स्वर्ण प्रभात ने बताया, ‘घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तत्काल केस दर्ज किया। इसके बाद कुछ पुलिस अधिकारी अस्पताल पहुंचकर पीड़िता से मिले और दूसरी टीम पीड़िता के घर पहुंची। घटनास्थल को पूरी तरह सील कर दिया गया। मौके से सैंपल जुटाए गए। फिर आरोपी प्रियांशु को गिरफ्तार किया गया। आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया गया है। आरोपी के कॉल डिटेल भी खंगाले जा रहे हैं। सभी पहलुओं पर गहन जांच की जा रही है। पुलिस एक महीने के भीतर स्पीडी ट्रायल के तहत आरोपी को जल्द से जल्द सजा दिलाने का प्रयास करेगी।’
राजस्थान के मुख्य जिलों का अधिकतम तापमान
राजस्थान के मुख्य जिलों का न्यूनतम तापमान
31 जनवरी से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की है संभावना